प्रदेश में 2010 के बाद 11 साल में सबसे अच्छा मानसून सीजन रहा है। अगर 21वीं सदी की बात करें तो 21 साल का चौथा सबसे अच्छा मानसून अब रहा है।  इससे पहले वर्ष 2010 में 557 मिमी, 2008 में 536.5 मिमी और 2003 में 620 मिमी बारिश हुई थी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि भादो माह में अभी और बारिश की उम्मीद बनी हुई है। अगले 7 दिन भी मॉनसून की विदाई होने के आसार नहीं हैं। इससे साल 2008 और 2010 की बारिश का रिकॉर्ड टूटने के आसार हैं।
बता दें कि हरियाणा में इस बार मानसून जमकर बरस रहा है। सितंबर में भी अब तक 113.3 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 124% ज्यादा है।  सोमवार को भी कई जिलों में बारिश हुई। इससे सीजन की बारिश का आंकड़ा 500 मिलीमीटर के पार पहुंच गया है।  प्रदेश में मॉनसून ने 13 जून को दस्तक दी थी। 1 जून से शुरू हुए मॉनसून सीजन में 13 सितंबर तक 501.9 मिमी. बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से 22% ज्यादा है। हरियाणा के 17 जिलों में सामान्य से अधिक बरसात हो चुकी है। फतेहाबाद में सर्वाधिक 75% ज्यादा बारिश हुई है। वहीं, चार जिले ऐसे हैं, जहां सामान्य से कम पानी बरसा है. पंचकूला में 53%, अम्बाला में 37%, यमुनानगर में 14%, और भिवानी में 4% कम बारिश हुई है।
16 सितंबर को तेज बारिश के आसार
मौसम विभाग की मानें तो बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से अगले 7 दिन तक मानसून की विदाई के आसार नहीं हैं। अभी मॉनसून की सक्रियता बनी रहेगी. अगले 2 दिन कहीं-कहीं बारिश होगी। 16 सितंबर को कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है। गौरतलब है 1 जून से शुरू हुए मॉनसून सीजन में 13 सितंबर तक 501.9 मिमी. बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से 22% ज्यादा है।
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