(रुद्रा राजेश सिंह कुंडू) –  हरियाणा सरकार के 600 दिन पूरे होने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा गिनवाई गयी उपलब्धियों पर महम विधायक बलराज कुंडू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि आज सरकार की उपलब्धियों के नहीं बल्कि विफलताओं के 600 दिन पूरे हुए हैं। सरकार की गलत नीतियों की बदौलत ही आज हरियाणा बेरोजगारी और अपराध में नम्बर वन पोजिशन पर आ खड़ा हुआ है। युवाओं को रोजगार देना तो दूर की बात मनोहर सरकार ने तो उन कर्मचारियों को भी घर बैठाने का काम किया है जो कई-कई साल से नौकरी करते हुए अपने परिवारों के पेट पाल रहे थे।

बलराज कुंडू ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर किस मुँह से सरकार की विफलताओं को उपलब्धियों के तौर पर गिनवाने में लगे हुए हैं यह समझ से बाहर की बात है। जिस सरकार के मुख्यमंत्री से लेकर तमाम मंत्री तक जनता के बीच जाने से डरते हों उससे बड़ी विफलता और क्या हो सकती है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर प्राइवेट नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण की उपलब्धि गिनवा रहे हैं तो लगे हाथ ये बताने का भी कष्ठ करें कि इससे अभी तक प्रदेश के कितने नौजवानों को रोजगार मिला और कितनी नई कम्पनियां स्थापित हुई हैं। सिर्फ जुमलों से कुछ नहीं होता, अगर सरकार की नीतियां इतनी ही अच्छी होती तो आज हरियाणा बेरोजगारी में देशभर में नम्बर 1 नहीं होता। बेरोजगारी की वजह से ही हमारा युवा वर्ग अपराध की दलदल में धंसता चला जा रहा है। कितने अफसोस की बात है कि अपराध में पहले लोग बिहार का उदाहरण दिया करते थे मगर अब हरियाणा का नाम लेते हैं।
बलराज कुंडू ने कहा कि किसानों की उनकी फसलों के सही दाम नहीं मिल रहे और सरकार शेखियाँ बघारने में जुटी हुई है। तीन काले कानूनों के खिलाफ सात महीने से किसान आंदोलन चला रहे हैं लेकिन सरकार को उनकी कोई चिंता नहीं है। आये दिन किसानों की शहादतें हो रही हैं। क्या हरियाणा सरकार का यह फर्ज नहीं बनता कि वह केंद्र सरकार पर दबाव बनाकर मामले का समाधान करवाये ?
विधायक कुंडू ने कहा कि प्रदेश में किसान और बेरोजगार नौजवान ही नहीं बल्कि कर्मचारी और छोटा व्यापारी वर्ग भी सरकार की गलत नीतियों से बुरी तरह त्रस्त हैं। महंगाई दर लगातार ऊपर जा रही है और रही सही कसर पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों ने पूरी कर दी है।
उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में हुई अनगिनत मौतें प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल रही हैं। अगर, सरकार इस मामले में गंभीर और सचेत होती तो महामारी से लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
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