कोरोना की चपेट में आने वाले कई लोगों की सेहत पर खतरनाक वायरस का गहरा असर पड़ रहा है। इस वायरस का असर काफी लंबे समय तक मिल रहा है। जो लोग करो ना से संक्रमित हुए थे उन्हें हेल्थ से संबंधित दूसरी कई तरह की गंभीर समस्याओं का खतरा पैदा हो रहा है । एक स्टडी के अनुसार करो ना संक्रमण का असर याददाश्त पर भी पड़ सकता है। साथ ही इस वायरस का संबंध भूलने वाली बीमारी यानी अल्जाइमर समेत सोचने और समझने की क्षमता में कमी से पाया गया है अमेरिकी अल्जाइमर एसोसिएशन की अगुवाई वाले एक वैश्विक समूह के विशेषज्ञों ने बताया की कोरोना से रिकवर होने के बावजूद कई लोगों में सोने की शक्ति सहित यादाश्त पर भी प्रभाव देखने को मिला है।

आईएएनस के अनुसार कोरोना संक्रमण से जूझ रहे लोगों में ब्रेन इंजरी न्यूरो इन्फ्लेमेशन और अल्जाइमर से गहरा ताल्लुक रखने वाली तंत्रिका तंत्र संबंधी लक्षण पाए गए हैं। स्टडी के अनुसार कोरोना संक्रमण के बाद है याददाश्त में प्रभाव पड़ने वाले लोगों में कम ब्लड ऑक्सीजन का खतरा भी ज्यादा पाया गया है। शोधकर्ताओं के अनुसार कोरोना महामारी के कहर से दुनिया भर में स्वास्थ्य के मोर्चे पर गंभीर असर पड़ा है। अमेरिका की टैक्सास यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अर्जेंटीना में कोरोनावायरस 300 बुजुर्गों पर रिसर्च की है।

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