हिसार(सुमन सैनी) – पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ. दलबीर भारती की पुस्तक सफलता के लिए संघर्ष का विमोचन आज हरियाणा विधान सभा के डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा ने किया।  स्थानीय जिमखाना कल्ब में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह की अध्यक्षता हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व चेयरमैन सतबीर वर्मा ने की। इस अवसर पर पुस्तक लेखक डॉ. दलबीर भारती के अध्यापक रहे रामजी लाल शर्मा और बुध राम सिंवर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

https://chat.whatsapp.com/J0d3QlJDKRR78wt4oAWivd

सफलता के लिए संघर्ष पुस्तक का विमोचन करते हुए डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा ने कहा कि महाराष्ट्र कैडर के 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे डॉ. दलबीर भारती के जीवन के अनुभवों पर आधारित इस पुस्तक में बताया गया है कि कैसे कठिन परिस्थितियों एवं विपरीत हालातों का मुकाबला करते हुए कोई भी व्यक्ति कड़ी मेहनत व लगन से अपने उद्देश्यों की प्राप्ति कर सकता है। जिला फतेहाबाद के गाँव बनमंदोरी में एक गरीब परिवार में जन्में डॉ. दलबीर भारती का 15 वर्ष की आयु में विवाह हो गया था। दसवीं पास करने के बाद ये भारतीय स्टेट बैंक में क्लर्क के पद पर लग गए और नौकरी के साथ प्राईवेट छात्र के रूप में बी.ए. और एम.ए. किया तथा उसके बाद संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परिक्षा के आधार पर आई.पी.एस. बने। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा में रहते हुए एल. एल. बी. की परिक्षा विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए पास की तत्पश्चात मुम्बई विश्वविद्यालय से पीएचडी की।

समारोह की अध्यक्षता कर रहे हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व चेयरमैन सतबीर वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि ज्ञान की शक्ति एवं श्रम के सम्मान को उजागर करती हुई पुस्तक सफलता के लिए संघर्ष में युवाओं के लिए प्रेरणादायक घटनाओं का समावेश है। पुस्तक के बारे में बताते हुए डॉ. दलबीर भारती ने कहा कि यह उनकी यह छठी पुस्तक है।  इससे पहले उनकी प्रकाशित पुस्तकों में से ‘पुलिस एवं लोग, दोनों के अधिकार एवं जिम्मेदारियां’ को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2011 में पं. गोविंद वल्लभ पंत पुरस्कार प्रदान किया गया था। वर्ष 2002 में प्रकाशित पुस्तक ‘द कंस्टिट्युशन एंड क्रिमिनल जस्टिस एदमिनिस्ट्रेशन’ का एक अध्याय न्युयॉर्क और लंदन से अगस्त 2018 में प्रकाशित ‘द रुटलेज हैंडबुक ऑफ साऊथ एशियन क्रिमिनोलोजि में प्रकाशित हुआ था। इस अवसर पर उन्होंने अपने अध्यापक, प्रेरक व मार्गदर्शक रहे रामजी लाल शर्मा, बुधराम सिंवर और मोदी राम को यह पुस्तक समर्पित की।

Share this post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *