हिसार (सुमन सैनी) – वर्क फ्रॉम होम शब्द से आज हर कोई परिचित हो चुका है, पहले भी लोग घर पर बैठकर काम करते थे, लेकिन लॉकडाउन में वर्क फ्रॉम होम का महत्व बढ़ा है। लॉकडाउन के दौरान शिक्षण संस्थानों ने विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए ऑनलाइन कक्षाएं शुरु की। इसके लिए बहुत सारी ऐप भी बनाई गई। इन ऐप के माध्यम से बच्चों को काम करवाया गया, लेकिन कहीं न कहीं इस प्लेटफॉर्म पर विद्यार्थियों की संख्या कम रही। इसी सिलसिले में जिला प्रशासन व जिला शिक्षा विभाग ने सक्षम समीक्षा की बैठक की। इसमें समीक्षा ऐप सहित कुल सात विषयों पर चर्चा की।

बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना किसी रुकावट के सुचारु रखने के तरीकों पर रहा। बैठक में घर से पढ़ाओ अभियान के तहत विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर देने के लिए शिक्षा अधिकारियों ने नीति तैयार की है। जिला शिक्षा अधिकारी कुलदीप सिहाग व डाइट प्रिंसिपल मिनी आहूजा ने घर से पढ़ाओ अभियान में शिक्षकों का ध्यान भागीदारी बढ़ाने व अधिक से अधिक विद्यार्थियों पर केंद्रित करने के लिए रणनीति बनाई गई। इसके साथ ही शिक्षा के स्तर को सुधारने व अधिक से अधिक विद्यार्थियों को ऑनलाइन एजुकेशन से जोड़ने के लिए क्या किया जा सकता है इस बात पर चर्चा की गई।

उम्मीद कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों की करियर काउंसलिंग शुरू की गई है। इससे विद्यार्थियों को अधिक लाभ पहुंचाने के लिए भी विभिन्न मुद्दों को शामिल किया है। बोर्ड रिजल्ट को और बेहतर बनाने व बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई अब किस प्रकार की जाए, इसके लिए विभाग नई गाइडलाइन जारी करेगा। शिक्षकों की ट्रेनिंग के लिए चल रहे डाइट के निष्ठा कार्यक्रम तथा विद्यार्थियों के सीसीटी के बेहतर परिणाम के लिए शिक्षकों को अधिक फोकस करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिले की मेंटरिंग के लिए भी रणनीति जल्द तैयार की जाएगी।

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