हरियाणा – 8 महीने से किसान आंदोलन तीन कृषि कानूनों के विरोध में चल रहा है इसी बीच खटकड़ टोल प्लाजा पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम चढूनी पहुंचे। उन्होंने कहा की सरकार ध्यान रखें यह हमारे आंदोलन का अंतिम पड़ाव है अगर हमारे बीच फोटो डाली गई तो यह समझ लेना कि पूरे समाज और पूरे देश का नुकसान होगा।

कहा कि खटकड़ टोल प्लाजा नंबर 1 पर किसानों का धरना जारी है जहां पर युवाओं के साथ महिलाओं की भी भागीदारी बड़ी संख्या में देखने को मिल रही है। अगर कोई आपसी मनमुटाव है तो वह हमें नहीं रखना है अगर किसी भी तरफ से कोई गलती हुई है तो उसके लिए हम माफी मांगते हैं। क्योंकि हम यहां पर आपस में लड़ने के लिए नहीं बैठे बल्कि कृषि कानूनों के खिलाफ बैठे हैं और जब तक तीनों कृषि कानून रद्द नहीं होते तब तक घर वापस नहीं जाएंगे।

गुरनाम चढूनी ने कहा कि आंदोलन चाहे कोई हो अगर वह चार चरणों में निकल जाए तो सफल हो जाता है।पहला चरण सोच समझकर आंदोलन तोड़ना, दूसरा चरण लालच देना, तीसरा चरण दंडित करना, मामले दर्ज करना, लाठीचार्ज करना, जेलों में भेजना यह तीनों चरण किसान और मजदूर का आंदोलन पार कर चुका है। अंतिम पड़ाव होता है आपस में फूट डलवा कर आंदोलन को तोड़ना। किसान आंदोलन का अंतिम पड़ाव है जिससे अभी पार करना बाकी है। क्योंकि जब फूट डलती है तो हम अपने भाइयों की भी बात को बर्दाश्त नहीं कर पाते और यहां पर आकर आंदोलन टूट जाता है। लेकिन हमें आंदोलन के अंतिम पड़ाव को भी पार करना है अगर किसान आंदोलन का अंतिम पड़ाव सफलतापूर्वक पार हो जाता है तो सरकार बड़ी कमजोर है हम उसे आसानी से मांगे मनवा सकते हैं।

Share this post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *