हरियाणा (रुद्रा राजेश सिंह कुंडू )- वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पार्टी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने खट्टर-चौटाला सरकार पर हरियाणा प्रदेश के युवाओं से भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने और प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ाने का आरोप लगाया है। एक अहम खुलासा करते हुए सुरजेवाला ने कहा कि प्रदेश की भाजपा-जजपा सरकार ने डायरेक्ट्रेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, हरियाणा द्वारा विज्ञापित 275 स्टाफ नर्स भर्ती में प्रदेश के स्टाफ नर्स अभ्यर्थियों के साथ एक बड़ा धोखा किया गया है। स्टाफ नर्स की योग्यता में बड़ा फेरबदल करते हुए अन्य प्रदेशों के अभ्यर्थियों को भी नौकरी पाने का सीधा निमंत्रण दे दिया है, जबकि इससे पहले इन भर्तियों में केवल हरियाणा के स्टाफ नर्स अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकते थे। चिंताजनक बात यह है कि हरियाणा के स्टाफ नर्स अभ्यर्थी अन्य प्रदेशों में समकक्ष नौकरी के लिए आवेदन करने के अवसर से पूरी तरह वंचित हैं।

सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा में बेरोजगारी दर पहले से ही देश में सबसे अधिक है, प्रदेश में जो नौकरियाँ निकाली जाती हैं, उनमें से अधिकतर में लिखित परीक्षा या साक्षात्कार ही नहीं आयोजित होता, जिनके लिए लिखित परीक्षा हो जाती है, उन परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के समाचार आते हैं, फिर जो कुछ परीक्षाएं आयोजित होती हैं, उनके या तो परिणाम घोषित नहीं होते, या परिणाम घोषित होने के बावजूद भी भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती और नौकरियाँ दोबारा संशोधित नियमों के साथ विज्ञापित कर दी जाती हैं। इस पूरी प्रक्रिया में प्रदेश के युवाओं को बार-बार छला जा रहा है और भर्ती पूरी नहीं हो पा रही हैं, जो कुछेक भर्तियाँ पूरी हुईं, उनमें भी इतनी धांधली हुई कि वो भर्तियों, या तो अदालतों द्वारा रद्द कर दी गई हैं या उन पर कोर्ट द्वारा स्टे लगाया गया है।

सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा सरकार को हमारी प्रदेश की भर्तियों में अन्य प्रदेशों के अभ्यर्थियों को आमंत्रित करने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि जो सुविधाएं हम दूसरे प्रदेशों को दे रहे हैं, वही सुविधाएं हरियाणा के अभ्यर्थियों को उन प्रदेशों में भी मिले। वे पूरे देश के युवाओं को बराबर महत्व दिए जाने के पक्षधर हैं, लेकिन अपने प्रदेश के युवाओं के साथ भेदभाव भी स्वीकार नहीं किया होना चाहिए।

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