हिसार (अरुण शर्मा)- रबी सीजन में बोई जाने वाली सरसों की फसल की बुआई का सही समय 5 अक्टूबर से 20 अक्टूबर होता है। अक्टूबर महीना सरसों की बिजाई के लिए सही समय होता है। अगर किसी कारण से आप अक्टूबर में सरसो की बीजाई न कर पाए तो दस नवंबर तक सरसों की बुआई कर सकते हैं। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की तरफ से किसानों को सरसों की बुआई के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं। कृषि वैज्ञानिकों ने सरसों की बुआई का सही तरीका किसानों को बताने के लिए बुलेटिन जारी किया है।

कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को मौसम आधारित सरसों की बुआई करने की सलाह दी है।

किसानों के  लिए कृषि सलाह–
सरसों की अधिक पैदावार लेने के लिए बिजाई के समय रखे ध्यान…..
1. अच्छे अंकुरण हेतु सरसों की बिजाई के लिए 10 अक्तूबर से 20 अक्तूबर तक सर्वोत्तम समय है।
2. बिजाई के समय खेत अच्छी प्रकार से तैयार करे । भूमि में पर्याप्त नमी बिजाई के लिए आवश्यक ।
3.समय पर बिजाई के लिए उन्नत किस्में:-आरएच 725, आरएच 0749, आरएच 30
4.बीज की मात्रा: सिंचित क्षेत्र के लिए 1.5किलोग्राम बीज प्रति एकड़, बारानी क्षेत्रों के लिए 2 किलोग्राम प्रति एकड़ बीज:-स्वस्थ, साफ व प्रमाणित बीज
5. बिजाई से पहले 2ग्राम कार्बेंडिज्म प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से सूखा उपचार अवश्य करे।
नोट:-बीज उपचार करते समय हाथों पर रबड़ के दस्ताने अवश्य पहने। सूखे बीज पर सूखी दवा से ही उपचारित करे।
6. पौधे से पौधे की दूरी 10 से 15 सेंटीमीटर व कतार से कतार की दूरी 30 सेंटीमीटर रखे। आर एच 725 व आर एच 749 में कतार से कतार की दूरी 45 सेंटीमीटर तक भी रखी जा सकती है।
7. खाद एवं उर्वरक :-6 टन गोबर की खाद या कम्पोस्ट प्रति एकड़ खेत तैयार करते समय डाले।
सिंचित क्षेत्रों में 35 किलोग्राम डीएपी व 25 किलोग्राम यूरिया तथा 10किलोग्राम ज़िंकसल्फेट या
70 किलोग्राम यूरिया व 75किलोग्राम सिंगल सुपरफ़ास्फेट
(यूरिया की आधी मात्रा बिजाई के समय व आधी यूरिया पहली सिंचाई पर तथा अन्य खाद बिजाई के समय डाले।)
बारानी क्षेत्रों में 35 किलोग्राम यूरिया, 75किलोग्राम सिंगल सुपरफ़ास्फेट बिजाई के समय डाले।

 

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