रोहतक (रेणु)- प्रदेश में खेल नीति को लेकर आए दिन कोई न कोई खिलाड़ी सवाल उठाता नजर आ रहा है. सिस्टम ओर सरकार की अनदेखी का शिकार हुई मनरेगा में दिहाड़ी करने वाली शिक्षा की खराब हालत के बाद अब ओलंपिक्स में ब्रॉन्ज मेडल लेने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी साक्षी मलिक ने भी सरकार और सिस्टम पर सवाल उठा दिए हैं.

साक्षी मलिक का आरोप है कि ओलंपिक में मेडल जितने के चार साल बाद भी उन्हें पूरा सम्मान नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि मेडल के हिसाब से जो उपलब्धि उन्हें मिलनी चाहिए थी सरकार की तरफ से ऐसा कुछ भी नहीं मिला है. उन्हें एमडीयू में स्पोर्ट्स डायरेक्टर का पद चाहिए था, लेकिन उन्हें नहीं मिला. उन्होंने कहा कि गीता फोगाट को भी सरकार की तरफ से बड़ा पद दिया गया है, इसलिए जो मेरी उपलब्धि है उसके अनुसार मुझे पूरा सम्मान नहीं मिला है.

बता दे कि साक्षी मलिक भारत की एक मात्र ऐसी महिला खिलाड़ी हैं, जिन्होंने पिछले ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. उस वक्त हरियाणा सरकार ने साक्षी मलिक को 500 गज का प्लॉट ओर सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी, जो अभी तक नहीं मिली है.

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