नई दिल्ली (सुनीता कागड़ा)- नवंबर के तीसरे सप्‍ताह में अब सर्दी बढ़ गई है। दो दिन पहले अरब सागर से एक समुद्री तूफान उठने की संभावना थी लेकिन अब उसकी दिशा बदल गई है। हालांकि इस बीच देश में मौसम बदल रहा है। मौसम के जानकारों का कहना है कि अगले 24 से 36 घंटों में अनेक राज्‍यों में बारिश हो सकती है। यह बारिश हल्‍की से तेज स्‍तर की देखी जाएगी। इस बारिश के चलते सर्दी भी बढ़ेगी। साथ ही बर्फबारी के भी आसार हैं। स्‍कायमेट वेदर के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत का मौसम बदल सकता है। यहां एक नया पश्चिमी विक्षोभ आएगा और इसके चलते श्रीनगर, शिमला, उत्तरकाशी समेत कई शहरों में बारिश और बर्फबारी होगी। मैदानी इलाकों में पंजाब से लेकर हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक इसका कोई विशेष असर नहीं दिखेगा। इन भागों में हवाओं की रफ्तार कम हो जाएगी। तापमान में गिरावट का क्रम रुक जाएगा। जानिये देश में कहां कैसा मौसम रहेगा।

जम्मू कश्मीर से लेकर गिलगित, बालटिस्तान, मुजफ्फराबाद, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड 22 से 25 नवंबर के बीच कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम और कहीं तेज़ वर्षा व बर्फबारी की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। उत्तर भारत पर बना पश्चिमी विक्षोभ कमजोर होकर आगे निकाल गया। जम्मू कश्मीर, लददक्ष में हल्की वर्षा हो सकती है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड में हल्की वर्षा के आसार हैं। केरल, तमिल नाडु में छिटपुट वर्षा का अनुमान है। पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों में आंशिक बादल छाने और गर्जना के साथ हल्की वर्षा या बूँदाबाँदी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार आगामी सिस्टम के कारण वैष्णो देवी, जम्मू, श्रीनगर, ऊधमपुर से लेकर गुलमर्ग, कुलगाम, पहलगाम, भद्रावाह समेत कई लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर वर्षा और हिमपात का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश में ऊंचाई वाले इलाकों लाहौल स्पीति, केलोंग, चंबा, कुल्लू, किन्नौर में बर्फबारी हो सकती है। शिमला में भी हल्की बर्फबारी की संभावना रहेगी।

– उत्तराखंड में उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हो सकता है और ऋषिकेश, हरिद्वार, देहारादून में बारिश देखने को मिल सकती है। 21 से 23 नवंबर के बीच केरल में बारिश काफी कम हो जाएगी। लेकिन बारिश का अगला स्पैल 23 नवंबर से शुरू होगा क्योंकि बंगाल की खाड़ी के मध्य और दक्षिण पूर्वी भागों पर एक नया मौसमी सिस्टम उभरता हुआ नजर आ रहा है। 21 नवंबर से केरल समेत दक्षिणी प्रायद्वीप भारत में बारिश की गतिविधियां कुछ समय के लिए कम हो जाएंगी। अगर चक्रवाती तूफान अरब सागर में विकसित होता है तो यह यमन या ओमान की तरफ जाएगा और भारत के तटों को इससे खतरा नहीं होगा।

एक नया मौसमी सिस्टम यानी पश्चिमी विक्षोभ कैस्पियन सागर से उठने के बाद उत्तर भारत की तरफ आने वाला है। यह सिस्टम 22 नवंबर से उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों को प्रभावित करेगा। आगामी 24 घंटों के दौरान इन दोनों राज्यों के कई इलाकों में इसी तरह से मूसलाधार वर्षा जारी रहने की संभावना है। उसके बाद 23 नवंबर से गतिविधियां कुछ कम हो जाएंगी।

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