हरियाणा(दीपक कुमार) – पिछले काफी समय से 3 कृषि कानूनों के विरोध में प्रदेश में बीजेपी और जेजेपी नेताओं का विरोध हो रहा है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन कृषि कानून वापस लेने की घोषणा भी कर दी है लेकिन पीएम की घोषणा के बाद यह विरोध जारी है। किसान नए नए तरीकों से प्रदेश में बीजेपी-जेजेपी नेताओं का विरोध कर रहे हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक शादी का कार्ड चर्चा का विषय बना हुआ है। इस शादी के कार्ड में विशेष बात यह है कि बीजेपी बीजेपी और आरएसएस के लोगों को शादी से दूर रहने का संदेश लिखवाया गया है।

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बता दें कि यह कार्ड झज्जर के रहने वाले विश्व वीर जाट महासभा के अध्यक्ष ने अपने परिवार में 1 दिसंबर को होने वाली शादी के लिए छपवाया है। इस कार्ड के माधय्म से बीजेपी, जेजेपी और आरएसएस के लोगों को दूर रहने के लिए कहा गया है। इस कार्ड पर बुधवार को सर छोटू राम जयंती के अवसर पर रेवाड़ी के बावल स्थित अंबेडकर पार्क में किसान नेता युद्धवीर सिंह ने मंच पर इस कार्ड को दिखाते हुए भाजपा नेता व आर एस एस के विरोध में लोगों को एकजुट रहने का आह्वान भी किया।

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बता दें कि तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के इस फैसले से किसानों में खुशी की लहर है। कानून वापसी की घोषणा के बाद गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने जमकर जश्न भी मनाया। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कहा गया है कि आंदोलन तब तक खत्म नहीं होगा जब तक किसानों की बाकि मांगों को सरकार मान नहीं लेती। तीन कृषि कानूनों को रद्द करके सरकार ने किसानों की एक मांग को पूरा किया है अभी तो एमएसपी की गांरटी का कानून, बिजली बिल 2020, किसानों पर दर्ज मुकदमें, शहीद किसान परिवारों को मुआवजा जैसी मांगे अभी बाकि है और साथ ही सिर्फ ऐलान करने से ही किसान सरकार पर विश्वास नहीं कर सकते हैं जब तक तीन कृषि कानून संसद में रद्द नहीं होते और बाकि मांगो को भी पूरा नहीं किया जाता जब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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किसानों का कहना है कि पीएम ने अपने संबोधन में आंदोलन में शहीद हुए किसानों को लेकर एक शब्द भी नहीं कहा और साथ ही ये भी कहा कि किसानों को केवल एक वर्ग ही तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहा है। मैं इस एक वर्ग को तीन कृषि कानूनों का फायदा नहीं समझा पाया और किसान भाईयों की पीड़ा से आहत होकर मैं तीन कृषि कानूनों को रद्द करने का ऐलान कर रहा हूं।

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